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EAM जयशंकर ने विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan से की बैठक

SHIDDHANT
26 Oct 2025 7:47 PM IST
EAM जयशंकर ने विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan से की बैठक
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अदान-प्रदान को बढ़ावा देने की योजना पर
New Delhi/Singapore नई दिल्ली/सिंगापुर। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य, रणनीतिक साझेदारी और सहयोग के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद डॉ. जयशंकर ने इसे “बहुत उपयोगी आदान-प्रदान” बताया और ट्वीट के माध्यम से कहा कि यह चर्चा भारत-सिंगापुर सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर केंद्रित रही। सूत्रों के अनुसार, बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक और व्यापारिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और आपसी रणनीतिक हित प्रमुख विषय रहे। दोनों नेताओं ने दक्षिण-पूर्व एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
डॉ. जयशंकर ने ट्वीट में लिखा, “A very useful exchange on the global and regional scenario, as well as opportunities for strengthening India-Singapore cooperation.” इससे स्पष्ट होता है कि बैठक दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को और आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रही। बैठक में व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक, विज्ञान और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में नई पहल और सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आपसी विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सिंगापुर और भारत के बीच लंबे समय से व्यापारिक और आर्थिक सहयोग रहा है। इस बैठक में इस सहयोग को और नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कदम उठाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जलवायु परिवर्तन उपायों में साझा कामकाज बढ़ाने की योजना पर भी विचार किया।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। डॉ. जयशंकर और विवियन बालाकृष्णन ने कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के लिए नियमित उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की। यह बैठक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और सिंगापुर की रणनीतिक साझेदारी एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच यह बैठक नई परियोजनाओं और निवेश के अवसरों को जन्म दे सकती है।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक और तकनीकी सहयोग पर भी विचार विमर्श किया। इसके तहत विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की योजना पर सहमति बनी। डॉ. जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध मजबूत और स्थायी हैं, और यह बैठक दोनों देशों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाली रही। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के उच्च स्तरीय संवाद और आदान-प्रदान से क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना करना आसान होगा।
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